Tuesday, June 18, 2019
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केन्द्र में भाजपा की सरकार बनने की कोई संभावना नहीं , एग्जिटपोल भरम पैदा करने वाले हैं ।

अब तक आप कई बड़े न्यूज़ चैनलों और न्यूज़ पोर्टल के ज़रिए पेश किये गये एग्जिट पोल को देख कर शायद ये मान चुके हों कि मोदी सरकार फिर से वापस आ जाएगी लेकिन ऐसा होने नहीं जा रहा है । जिन प्रमुख चैनलों ने मोदी सरकार की फिर से आने की संभावना व्यक्त की है , उनकी नियत पर कोई संदेह नहीं करता लेकिन एक बात ज़रूर कहूंगा कि इनके पिछले एग्जिटपोल भी गलत थे और इस बार भी गलत होने की पुरी संभावना है । भले ही चैनलों के रिपोर्टरों ने लोगों से संपर्क किया होगा और किसी निष्कर्ष पर पहुंचने का यही एक आधार भी होता है लेकिन कोई ज़रुरी नहीं की लोगों ने जिस पार्टी को वोट देने की बात रिपोर्ट से कही हो वोट भी उसी को दिया हो । मतदाता के कहने और करने में भी फ़र्क़ होता है , इस लिये उसके कहने पर और वो भी चुनाव से कई रोज़ पहले कही हुई बातों पर निर्णय लेना अंधेरे में तीर चलाने जैसा है ।



इन बड़े चैनलों के एग्जिट पोल में भी समानता नहीं है , किसी ने भाजपा को 225 तो किसी ने 350 और इस से अधिक सीटें दिखलायीं है , ऐसे में किस चैनल को सही माना जाए और किसे गलत माना जाए , ये प्रश्न अपनी जगह क़ायम है । इस के विपरीत छोटे चैनलों और न्यूज़ पोर्टल के एग्जिट पोल में अधिक सच्चाई नज़र आती है । ये मैं इस लिये नहीं कह रहा हूँ कि इन्होंने भाजपा की कम सीटें दिखलायीं हैं बल्कि इनके एग्जिट पोल में ज़मीनी हक़ीक़त को सामने रखा गया है और यही कारण है कि इनकी बातें सच्चाई से क़रीब मालूम होती हैं ।



बंगाल , ओडिशा और कुछ छोटे राज्य जहां लोकसभा की दो से चार सीटें हैं केवल वहीं भाजपा को दो चार सीटों का फायदा होता हुआ दिखाई दे रहा है । नहीं तो बिहार , यूपी , राजस्थान , महाराष्ट्र , मध्यप्रदेश , छत्तीसगढ़ , तामिलनाडु , कर्नाटक , पंजाब और अन्य राज्यों में भाजपा पिछला प्रदर्शन दोहराने में विफल हुई है तो कहाँ से उसे बहुमत प्राप्त होगा । हरियाणा , और गुजरात ऐसे राज्य हैं जहाँ की सभी सीटें भाजपा ने 2014 में जीतीं थी , उन राज्यों में अगर प्रदर्शन ठीक भी रहा तो इस से अधिक सीटें तो भाजपा नहीं जीत सकती , इन दोनों राज्य में भी दो चार सीट का भाजपा को नुक्सान होता हुआ दिख रहा है , ऐसे में ये संभावना व्यक्त करना कि भाजपा को फिर से सत्ता मिल जाएगी , मुश्किल मालूम होता है ।



मेरे पास न कोई बड़ी टीम थी और न इतना साधन था कि बड़े पैमाने पर कोई सर्वे कर पाता लेकिन बिहार और यूपी के कुछ लोकसभा सीटों पर मैं खुद गया था । वहाँ के लोगों से मिला और ज़मीनी हक़ीक़त जानने की कोशिश की , अपनी इस कोशिश को ” तेवर न्यूज़ ” और कई अन्य माध्यम से आप तक पहुंचाता भी रहा हूं । मैं ने उन क्षेत्रों में जो देखा और समझा उस आधार पर कहता हूं कि देश के बड़े बड़े चैनलों का एग्जिट पोल सही नहीं है । भाजपा को 2014 में 282 सीटें मिली थी लेकिन इस बार उस को सीधे सीधे 100 सीटों का नुकसान होता हुआ दिख रहा है और मेरे गणित से भाजपा की सरकार फिर से केन्द्र में बनने की कोई संभावना नज़र नहीं आ रही है । चुनाव आयोग के काम करने के ढंग की कई पार्टियों ने कड़ी आलोचना की है और ई वी एम को लेकर कई प्रकार की चिन्तायें व्यक्त की जा रही हैं , कहीं कहीं ई वी एम से भरी गाड़ी भी पकड़ी गई है लेकिन इस विषय पर मैं कुछ नहीं बोलूँगा , इस विषय पर विपक्षी पार्टियों को आगे आना चाहिए ।