Sunday, September 22, 2019
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दिल्ली में ” जश्न ए सबीह बुखा़री ” और अन्तर्राष्ट्रीय मुशायरा ।

सफ़दर इमाम क़ादरी और शहाबुद्दीन अहमद सबीह बुखा़री का स्वागत करते हुए

मशहूर साहित्यिक संस्था ” बज़्म ए सदफ़ इन्टरनेशनल ” ने 23 अगस्त 2019 को दिल्ली में जशन ए सबीह बुखा़री और अन्तर्राष्ट्रीय मुशायरा का आयोजन किया । इस अवसर पर संस्था के चेयरमैन मोहम्मद शहाबुद्दीन , डायरेक्टर सफ़दर इमाम क़ादरी , प्रोग्राम डायरेक्टर अहमद अशफ़ाक़ , अध्यक्ष मुशायरा शहपर रसूल और अन्य अतिथियों ने श्री बुखा़री को शाल और गुलदस्ता पेश कर के उनका भव्य स्वागत किया ।

सबीह बुखा़री

सवागत के बाद क़तर से आए मशहूर शायर और संस्था के प्रोग्राम डायरेक्टर अहमद अशफ़ाक़ ने सबीह बुखा़री का विस्तार से परिचय कराते हुए कहा कि बुखा़री साहब भोपाल ,भारत के रहने वाले हैं लेकिन स्थाई रूप से क़तर में रहते हैं , क़तर में उर्दू भाषा और साहित्य के संरक्षक के रूप में जाने जाते हैं , क़तर में जितनी भी इस प्रकार की संस्थाएं हैं , आप सभी से जुड़े हुए हैं । उनहोंने ये भी बताया कि क़तर ही नहीं पूरी दुनिया में उर्दू भाषा के विस्तार के लिए बुखा़री साहब काम करते रहते हैं ।

अहमद अशफ़ाक़

इस अवसर पर संस्था के चेयरमैन मोहम्मद शहाबुद्दीन और डायरेक्टर सफ़दर इमाम क़ादरी ने संस्था का भरपूर परिचय कराते हुए , इस के हो रहे विस्तार से भी अवगत कराया , जिस से अंदाज़ा हुआ कि संस्था बड़ी तेज़ी से अपनी मंज़िल की ओर बढ़ रही है ।

सफ़दर इमाम क़ादरी

सबीह बुखा़री ने अपने संबोधन में बड़ी विनम्रता से कहा कि उनकी माँ की ज़बान उर्दू थी , इस लिए उनहें ये ज़बान बहुत प्यारी और अज़ीज़ है । उनकी इस बात पर बहुत देर तक जामिया मिल्लिया इसलामिया के अंसारी आडिटोरियम में ताली बजती रही ।

बिस्मिल आरिफ़ी

इस अवसर पर एक अंतर्राष्ट्रीय मुशायरा का भी आयोजन किया गया था , जिस की अध्यक्षता शहपर रसूल और संचालन वाहिद नजी़र ने किया । इस मुशायरा में क़तर से अतीक़ अन्ज़र , अहमद अशफ़ाक़ , राशिद आलम राशिद , अबुज़हबी से सैयद सरोश आसिफ़ , ओमान से फ़ितीन अशरफ़ सिद्दीक़ी , जद्दा से अमरीना क़ैसर , भारत से शहपर रसूल , सफदर इमाम क़ादरी , कौसर मज़हरी , अलीना इतरत , ज़फ़र इमाम , राशिद अनवर राशिद , मुज़फ़्फ़र अबदाली , बिस्मिल आरिफ़ी , वाहिद नज़ीर , शामिल हुए और मुशायरे को काम्याब बनाया ।