Tuesday, June 18, 2019
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पूर्णियां ( बिहार ) के विकास की नई संभावनाओं की खोज ।

मिथिला के ‘यंगेस्ट लिविंग लीजेंड’ रूप में अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाले डॉ बीरबल झा आगामी 13-14 जून को बिहार के सीमांचल जिले पूर्णियां का दौरा करेंगे। अपने इस दो दिवसीय कार्यक्रम के तहत डॉ झा स्थानीय भाषा के विकास, शिक्षा एवं व्यवसाय में नवाचार जैसे विषयों पर नई संभावनाओं की खोज को प्रमुखता देंगे। यहाँ उनका एक कार्यक्रम जिले के डगरूवा प्रखंड के अंतर्गत जाफरपुर गांव के सुप्रसिद्ध अधिवक्ता समरेंद्र कुमार झा एवं उनके भाई जज नरेंद्र कुमार झा के घर उपनयन संस्कार में भी भाग लेने का है।

उल्लेखनीय है कि बिहार के मधुबनी जिले के सिजौल गांव में जन्मे सुप्रसिद्ध समाजसेवी एवं अंग्रेजी भाषा के लेखक डॉ बीरबल झा को उनके सामाजिक योगदान और नए प्रयोगों के लिए देश-विदेश से कई पुरस्कार मिल चुके हैं। युवाओं को केंद्रित करके लिखी गई उनकी कई पुस्तकें काफी लोकप्रिय है जिनमें से एक पुस्तक ‘सेलिब्रेट योर लाइफ’ को युवाओं ने न केवल खासा पसंद किया है बल्कि उसे बेस्टसेलर किताब भी बना दिया है।

बिहार में अंग्रेजी भाषा के प्रचार को एक आंदोलन के रूप में खड़ा करने वाले डॉ झा की संस्था ‘ब्रिटिश लिंगुआ’ बिहार सरकार के साथ मिलकर अबतक लगभग तीस हजार से ज्यादा महादलित युवाओं को रोजगार प्रदान करके  उन्हें स्वालंबी बना चुकी है। संस्था के इस प्रयास ने बिहार प्रदेश की जनता को यह सन्देश दिया है कि ‘अंग्रेजी भाषा स्किल’ सीखकर युवा अपने जीवन और कॅरियर को एक नई ऊंचाई दे सकते हैं। इस योजना के साकारात्मक प्रभाव को देश की मीडिया में भी काफी सराहना मिली है।  

बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी डॉ बीरबल झा को मिथिला के सांस्कृतिक इतिहास में ‘पाग बचाओ अभियान’ के नाम से एक बड़े आंदोलन शुरू करने के लिए जाना जाता है। इस आंदोलन के माध्यम से मिथिला की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर लाने का जो अथक प्रयास किया गया उसके परिणामस्वरूप ही वर्ष 2017 में केंद्र सरकार ‘मिथिला पाग’ पर एक डाक टिकट भी जारी किया।

 गौरतलब है कि डॉ झा मिथिला की संस्कृति को लेकर कई स्तरों पर सक्रिय रहे हैं। इस दिशा में उन्होंने मिथिला के सामाजिक-सांस्कृतिक सरोकार से जुड़े विषयों को लेकर कई गीत भी लिखे हैं जिन्हें संगीतप्रेमियों ने काफी सराहा है। यहाँ यह विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर लिखा गया उनके एक बेहद मार्मिक गीत ‘क्या गुनाह था मेरे बच्चे का’ को केवल यूट्यूब पर अबतक 75 लाख से ज्यादा लोगों ने पसंद किया है।

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