Wednesday, November 20, 2019
Home > Samachar > भाजपा और शिवसेना में राजनीतिक प्यार बरक़रार ।

भाजपा और शिवसेना में राजनीतिक प्यार बरक़रार ।

भाजपा को प्रति दिन पानी पी पी कर कोसने वाले शिवसेना प्रमुख उद्धब ठाकरे एक बार फिर भाजपा के आगे झुकने पर मजबूर हुए और लोकसभा चुनाव साथ लड़ने का एलान किया । ठाकरे को अपनी बातों से पलटने में महारत हासिल है , वो कब किस के खिलाफ़ बोलेंगे और फिर कब उसी की प्रशंशा करने लगेंगे , ठीक ढंग से ये उन्हें भी मालूम नहीं रहता , इस के बाद भी वो महाराष्ट्र की राजनीति में बने हुए हैं तो इस का श्रेय ठाकरे को नहीं महाराष्ट्र की जनता को दिया जाना चाहिए जो कपड़ों की तरह बयान बदलने वालों को पसंद करते हैं ।

भाजपा प्रमुख अमित शाह ने शिवसेना को लोकसभा चुनाव साथ लड़ने पर तयार कर लिया , ये उनकी कामयाबी है । शिवसेना के कड़े से कड़े बयान का अमित शाह ने नरमी से जवाब दिया मगर अलग चुनाव लड़ने की बात भी कही थी , जिस से लगा था की अब भाजपा और शिवसेना के रास्ते अलग होने वाले हैं । मगर एक बार फिर दोनों ने एक साथ आ कर प्रमाणित कर दिया कि इन दोनों को प्यार बरक़रार रहेगा भले ही तकरार जितनी हो । अब महाराष्ट्र की, 48 लोकसभा सीट में भाजपा, 25 और शिवसेना 23 सीटों पर मिलकर चुनाव लड़ेंगी । इस फार्मूले पर सहमति बनने के बाद प्रेस कान्फ्रेंस में अमित शाह और ठाकरे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के साथ एलान किया।