Saturday, October 19, 2019
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मोहन भागवत माब्लिंचिंग पर बोले तो मगर ……

दशहरा के अवसर पर मोहन भागवत जब बोलने के लिए आए तो लोगों को लगा होगा कि वो देश में हिन्दू-मुस्लिम में बढ़ रही दूरी पर बोलेंगे , देश की आर्थिक स्थिति पर बोलेंगे , देश में बढ़ रही बेरोज़गारी पर बोलेंगे और अन्य जो मुख्य मुद्दे हैं और जिन से पूरी दुनिया में भारत की तस्वीर ख़राब हो रही है , उस पर बोलेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ । उनहों ने माब्लिंचिंग पर बोलते हुए कहा कि लिंचिंग शब्द की उत्पत्ति विदेशों में हुई है और ये बदनाम करने की साज़िश है लेकिन माब्लिंचिंग न रोक पाने के लिए सरकार की निंदा नहीं की और हिन्दू राष्ट्र का एक बार फिर लोगों को पाठ याद कराया ।

धारा 370 के हटाने को उचित ठहराने के साथ ही देश की आर्थिक स्थिति पर सरकार की प्रशंसा की और हर व्यक्ति को क़ानून का पालन करने का निर्देश दिया । भागवत के इस गुमराह करने वाले भाषण पर कांग्रेस के नेता ने शशि थरूर ने कहा है कि जुर्म जुर्म होता है और ये कोई बात नहीं है कि ये शब्द कहाँ से आया है । कोई भीड़ किसी आदमी को क़त्ल कर रही है , इस पर रोक लगाने की ज़रूरत है न कि ये बताने की है कि ये शब्द विदेश से आया है । जुर्म और क़त्ल का किसी भी भाषा में उल्लेख करें , उस का मतलब बदल नहीं जाएगा ।

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