Sunday, September 22, 2019
HINDI NEWS PORTAL
Home > Samachar > राहुल गांधी का इस प्रकार रजनीतिक मैदान छोड़ना भाजपा को सुरक्षित रास्ता देना है ।

राहुल गांधी का इस प्रकार रजनीतिक मैदान छोड़ना भाजपा को सुरक्षित रास्ता देना है ।

राहुल गांधी को त्याग पत्र देने की सलाह जिस ने भी दी है , वो कांग्रेस पार्टी का शुभ चिंतक नहीं हो सकता , इस से पहले भी गांधी परिवार से अलग व्यक्ति ने कमान संभाली है और नतीजा जो हुआ , वो सब को मालूम है , इस से तो यही ज़ाहिर होता है कि ये सलाह किसी भाजपाई ने दी है , चाहे वो कांग्रेस पार्टी में ही क्यू न हो , राहुल गांधी भी इतने भोले हैं कि बहकावे में आ गए और नतीजे पर ध्यान नहीं दिया । अभी तो केवल राहुल गांधी का त्याग पत्र आया है और पार्टी छोड़ने वालों की लाइन लग गई है अगर अध्यक्ष कोई और बन गया तो कांग्रेस पार्टी का वजुद बचाए रखना मुश्किल हो जाएगा ।

राहुल गांधी को कांग्रेस पार्टी के इतिहास पर भी नज़र रखनी चाहिए और पार्टी को बचाने के लिये त्याग पत्र वापस ले लेना चाहिए नहीं तो बचे हुए कांग्रेसी भी भाजपाई हो जाऐंगे और फिर से पार्टी को खड़ा करना मुश्किल हो जाएगा । राहुल गांधी किसी को उपाध्यक्ष बना दें और कुछ दिन आराम करलें , उपाध्यक्ष की ज़िम्मेदारी किसी नौजवान को नहीं बल्कि किसी तजुर्बेकार को दें ताकि वो पार्टी को एकजुट करने में अपना योगदान देता रहे और समय समय पर राहुल गांधी खुद मोर्चे पर आ कर अपनी बात रखें । इस प्रकार मैदान से हटना भाजपा को खुद ही सुरक्षित रास्ता देना है और ये न राजनिती है और नहीं कूटनीति है ।