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मोम बत्ती जलाते रहो साथियों

तहसीन मुनव्वर

चीख़ अपनी दबाते रहो साथियों
शोर फिर भी मचाते रहो साथियों
अपनी सेल्फ़ी बनाते रहो साथियों
मोम बत्ती जलाते रहो साथियों

मोम बत्ती अंधेरे भगाती नहीं
ये अंधेरों को जड़ से मिटाती नहीं
हाथ अपने ही अक्सर जलाती है यह
ज़ालिमों को मगर यह जलाती नहीं
ज़ालिमों को बचाते रहो साथियों
मोम बत्ती जलाते रहो साथियों

बहनें मरती रहें आहें भरती रहें
सिसकियों में शिकायत वह करती रहें
इतने वहशी दरिंदे हैं चारों तरफ़
बेटियां अपने साये से डरती रहें
तुम दीवाली मानते रहो साथियों
मोम बत्ती जलाते रहो साथियों

हैं जो रहबर तुम्हारे वह नादान हैं
मुश्किलों से तुम्हारी वो अंजान हैं
वोट हिंदू मुसलमां पे देते हो तुम
इस लिए देशवासी परेशान हैं
वोट यूं ही गिराते रहो साथियों
मोम बत्ती जलाते रहो साथियों

ऐसे में किस तरह ज़ुल्म रोकोगे तुम
क्या नया रास्ता कोई सोचोगे तुम
मोम के दिल तुम्हारे अगर हो गए
पत्थरों से भला कैसे उलझोगे तुम
मोम बत्ती जलाते रहो साथियों


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