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रिव्यू पेटिशन दायर करने का आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड का फै़सला सही : मिल्ली काउंसिल

डॉ. मंज़ूर आलम

बाबरी मस्जिद-राम मंदिर विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर असंतोष व्यक्त करते हुए, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने एक समीक्षा याचिका दायर करने का फैसला किया है, बोर्ड ने ये भी कहा है कि मस्जिद के बदले में पांच एकड़ जमीन मुसलमानों को मंज़ूर नहीं है। देश के प्रमुख संगठन आल इंडिया मिल्ली काउंसिल ने बोर्ड के फैसले का स्वागत किया है और इसे एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

समाचार पत्रों को जारी एक बयान में मिल्ली काउंसिल के महासचिव डॉ. मुहम्मद मंजूर आलम ने कहा कि अदालतों से आने वाले फैसले पूरी दुनिया के सामने हैं । अदालत और भारतीय संविधान ने समीक्षा और निर्णय से असहमत होने पर रिव्यू पेटिशन दायर करने का हमें अधिकार दिया है, इसलिए ऐसे अवसरों पर इसका पूरा उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बोर्ड के इस कदम से कम से कम दुनिया भर में ये संदेश गया है कि भारत में मुसलमान सुप्रीम कोर्ट के फैसले से खुश नहीं हैं और उनका मानना ​​है कि उनके साथ न्याय नहीं किया गया है ।

।इसमें कोई संदेह नहीं है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले में कई खामियां हैं और एक समीक्षा याचिका दायर करने के बाद, सभी कमियां सामने आएंगी और जो बातें अस्पष्ट नहीं हैं, वो भी अस्पष्ट हो जाएंगी । रिव्यू पेटिशन इस लिए भी ज़रूरी है कि संघर्ष की प्रक्रिया पूरी हो और इतिहास में ये लिखा जाए कि मुसलमानों ने बाबरी मस्जिद के लिए अंत तक प्रयास किया और मायूस हो कर संघर्ष नहीं छोड़ा ।